आश्रम के बगल में सुंदर बावड़ी - Munka Baori Khandela

आश्रम के बगल में सुंदर बावड़ी - Munka Baori Khandela, इसमें खंडेला में रामानंद आश्रम के बगल में स्थित मूनका बावड़ी के बारे में जानकारी दी गई है।


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आज हम आपको खंडेला की 52 बावड़ियों में शामिल एक बावड़ी का भ्रमण करवाते हैं जिसे मूनका की बावड़ी के नाम से जाना जाता है।

जैसा कि नाम से विदित हो रहा है कि इस बावड़ी का सम्बन्ध किसी मूनका परिवार या इसके किसी सदस्य से रहा है।

यह बावड़ी उदयपुरवाटी मार्ग पर धीरज गढ़ से दाँई तरफ अन्दर जाकर है। बावड़ी के बगल में श्री रामानंद आश्रम स्थित है जिसका रास्ता बावड़ी के अन्दर से जाता है। रामानंद आश्रम में एक प्राचीन शिवलिंग स्थित है।


बावड़ी की लम्बाई और चौड़ाई बहुत अधिक नहीं है लेकिन बावड़ी की गहराई तीन तलों की है। सबसे नीचे के तल तक जाने के लिए सीढियाँ बनी हुई है। बावड़ी के पीछे की तरफ प्रत्येक तल में गलियारा बना हुआ है।

बावड़ी के मुख्य प्रवेश द्वार के दोनों तरफ विश्राम के लिए स्थान है। ऐसा प्रतीत होता है कि ये स्थान राहगीरों के विश्राम के काम में आता होगा।

अगर आप प्राचीन धरोहरों को करीब से देखकर उन्हें जानने के इच्छुक हैं तो आपको खंडेला में स्थित इस बावड़ी को अवश्य देखना चाहिए।

मूनका बावड़ी की मैप लोकेशन, Munka Baori Ki Map Location



मूनका बावड़ी के इतिहास की फोटो, Munka Baori Ki Photos


Munka Baori Khandela

लेखक
रमेश शर्मा {एम फार्म, एमएससी (कंप्यूटर साइंस), पीजीडीसीए, एमए (इतिहास), सीएचएमएस}
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